The last train  to the moon - Poems of Edina Barna

The last train to the moon - Poems of Edina Barna

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Edina Barna Words alone can not make a poem if they are not accompanied by emotions that pierce the soul and ravage the spirit – leaving you...
मैं जब एक दूब की तरह सिर उठाता हूँ : संजय कुमार शांडिल्य की कविताएँ

मैं जब एक दूब की तरह सिर उठाता हूँ : संजय कुमार शांडिल्य की कविताएँ

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संजय की कविताओं में आम आदमी का संघर्षपूर्ण जीवन और पूंजीवाद के शोर में उसकी गुम होती जा रही पहचान को सहेजने की बेचैनी है । ये प्रतिरोध की कव...