३२ रुपये, सब कुछ ठीक है और कछुए दौड़ रहे थे सदियों से : अशोक कुमार की कविताएँ 04:55:00 1 comment इन दिनों फेसबुक पर निरंतर लिख रहे अशोक कुमार की कविताओं ने ध्यान आकृष्ट किया है। इनकी कविताएँ एक आम आदमी की ज़िंदगी और उसके संघर्षों ... Read More
Intact.. and also in shreds - Poems of Aparna Anekvarna. 04:55:00 1 comment Aparna Anekvarna Poems are written not with words but feelings, things you see around you everyday get transformed into powerful vi... Read More
पलायन एक पराजित का - सौरभ पांडेय की कविताएँ 04:54:00 4 comments सौरभ पांडेय की कविताओं का स्वर व्यक्तिपरक है । कविताओं में निजी दुख , प्रेम और विरह का स्वर प्रभावी है लेकिन इनकी ताजगी आकर्षि... Read More
नटई तक माड़ भात खाने वाली लड़की और बूढ़ा लेखक : युवा कथाकार शिवेंद्र की कहानी 04:54:00 No Comments मारकेज़ के जादुई यथार्थवाद के बारे में कथाकार प्रियदर्शन अपने एक आलेख मे लिखते हैं , “मारक़ेज़ वह क्या करते हैं कि उनके छूते ही जाद... Read More
EMPTY HEARTBEATS - Poems of Biswajit Tripathy 04:55:00 No Comments " Our sweetest songs are those that tell of saddest thought ." - Percy Bysshe Shelley Biswajit's poems bring these li... Read More
इस अच्छे मौसम ने तबाह कर दिया मुझे - तुर्की कवि ओरहान वेली की कविताएँ (अनुवाद : सिद्धेश्वर सिंह) 04:55:00 No Comments तुर्की कवि ओरहान वेली की कविताओं की अपनी एक ख़ास शैली है। वह कविताओं में क्लिष्ट बिंबो और अलंकारों के हिमायती नहीं। सीधी सहज भाषा ... Read More